ज़रथुष्ट्र संख्या विज्ञान

Origin: Ancient Persia / Zoroastrianism · Era: c. 1500 BCE

ज़रथुष्ट्र संख्या विज्ञान — अहुर मज़्दा और अमेशा स्पेंता के ज़रथुष्ट्री ब्रह्मांड विज्ञान में निहित।

उत्पत्ति: प्राचीन फारस / ज़रथुष्ट्रवाद | काल: लगभग 1500 ईसा पूर्व

विवरण

ज़रथुष्ट्री ब्रह्मांड विज्ञान में निहित, यह परंपरा अहुर मज़्दा और अमेशा स्पेंता (सात दिव्य उत्सर्जन) के सिद्धांतों से जुड़ी है। संख्याएं ज़रथुष्ट्री आध्यात्मिकता के दिव्य सिद्धांतों से व्यक्ति के संबंध को प्रतिबिंबित करती हैं।

गहन विवरण

ज़रथुष्ट्रवाद, ज़रथुष्ट्र द्वारा स्थापित, विश्व के सबसे प्राचीन एकेश्वरवादी धर्मों में से एक है। इसका संख्या विज्ञान प्रत्येक संख्या को एक अमेशा स्पेंता (अहुर मज़्दा के सात दिव्य उत्सर्जन) और संबंधित यज़ता से जोड़ता है। यह प्रणाली अश (सत्य) और ड्रुज (असत्य) के बीच ब्रह्मांडीय संघर्ष को प्रतिबिंबित करती है। फ्रवहार संख्या आत्मा का सार प्रकट करती है, जो यह दर्शाती है कि कौन से गुण — सुविचार, सर्वश्रेष्ठ धार्मिकता, वांछित प्रभुत्व, पवित्र समर्पण, पूर्णता, अमरता — व्यक्ति के लिए सबसे अधिक सुलभ हैं।

What is the Fravahar Number?

Reveals a person's soul essence and divine connection. Indicates which Amesha Spenta virtue is most accessible to the individual.

What are the Amesha Spentas?

Seven divine emanations of Ahura Mazda, each representing a fundamental virtue and governing a domain of creation.

How old is Zoroastrian numerology?

Zoroastrianism dates from 1500-600 BCE, one of the world's oldest monotheistic traditions. Its numerology reflects the Asha/Druj dualism at the heart of Zoroastrian metaphysics.